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Wednesday, July 5, 2023

राजऋषि श्री राजेंद्र मुनि जी महाराज

भिक्षु और भिखारी में जमीन आसमान का अंतर है, भिखारी गिड़गिड़ाता है और कुछ भी लेने को तत्पर रहता है, जबकि भिक्षु मर्यादा में रहते हुए अपनी मर्यादा से बाहर की वस्तु को नही लेता।