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Sunday, May 8, 2016

तीन मनोरथ

वह दिन मेरा धन्य होगा जिस दिन मैं आरम्भ और परिग्रह को घटाउंगा,

वह दिन मेरा परम धन्य होगा जिस दिन मैं पंच महाव्रत धारी अनगार बनूंगा,

वह दिन मेरा परम परम धन्य होगा जिस दिन मैं चारो आहार का त्याग करके, लगे हुए पापो की आलोचना करके, चौरासी लाख जीव योनियों से क्षमा याचना करके सलेंखना संथारा करके पंडित मरण को प्राप्त करूँगा।